(1) मरीचि के पुत्र कश्यप प्रजापति थे। ब्रह्मदेव की दाहिनी हाथ की बोटे की नली से दक्ष नाम का पुरुष और बाएँ हाथ की बोटे की नली से धरनी नाम की स्त्री जन्मीं। उन दोनों से एक हज़ार-हज़ार महा ऋषि जन्मे। (2) ब्रह्मा के मानस पुत्रों में दूसरे स्थान पर रहने वाले अंगिरस्‍ु को उद्दध्य, बृहस्पति और संवर्त जैसे पुत्र हुए। बृहस्पति देवताओं के आचार्य बने। (3) मैत्रि (अत्रि) नामक मानस पुत्र से अनेक महा मुनि जन्मे। (4) पुलस्त्य नामक ब्रह्मा के मानस पुत्र से राक्षसों का जन्म हुआ। (5) पुलह नामक मानस पुत्र से किन्नर और किमपुरुष वर्ग उत्पन्न हुए। (6) क्रतू नामक मानस पुत्र से पक्षियों की जाति उत्पन्न हुई।

   
    

महाभारत का अरयण्क पर्व – Mahabharat Aranyak Parv in Hindi


॥ श्रीः ॥
3.198. अध्यायः 198
Mahabharata - Vana Parva - Chapter Topics
मार्कण्डेयेन पाण्डवान्प्रति विप्राय गोप्रदानरूपयवातिचरितकथनम् ॥ 1 ॥
Mahabharata - Vana Parva - Chapter Text

[*मार्कण्डेय उवाच। 3-198-0x(2427)(23728)
इदमन्यच्छ्रूतां ययातिर्नाहुषो राजा राज्यस्थः पौरजनावृत आसांचक्रे ॥ गुर्वर्थी ब्राह्मण उपेत्याब्रवीत् भो राजन्गुर्वर्थं भिक्षेयं समयादिति राजोवाच ॥ 3-198-1(23729)
ब्रवीतु भगवान्समयमिति ॥ 3-198-2(23730)
ब्राह्मण उवाच। 3-198-3x(2428)
विद्वेषणं परमं जीवलोके
कुर्यान्नरः पार्थिव याच्यमानः।
तं त्वां पृच्छामि कथं तु राज-
न्दद्याद्वान्दयितं च मेऽद्य ॥ 3-198-3(23731)
राजोवाच। 3-198-4x(2429)
नचानुकीर्तये दद्य दत्त्वा
अयाच्यमर्थं न च संशृणोमि।
प्राप्यमर्थं च संश्रुत्य
तं चापि दत्त्वा सुसुखी भवामि ॥ 3-198-4(23732)
ददामि ते रोहिणीनां सहस्रं
प्रियो हि मे ब्राह्मणो याचमानः।
न मे मनः कुप्यति याचमाने
दत्तं न शोचामि कदाचिदर्थम् ॥ 3-198-5(23733)
इत्युक्त्वा ब्राह्मणा राजा गोसहस्रं ददौ।
प्राप्तवांश्च गवां सहस्रं ब्राह्मण इति ॥ 3-198-6(23734)

इति श्रीमन्महाभारते अरण्यपर्वणि मार्कण्डेयसमास्यापर्वणि अष्टनवत्यधिकशततमोऽध्यायः ॥ 198 ॥

Mahabharata - Vana Parva - Chapter Footnotes
3-198-3 विद्वेषणं याचकस्य द्वेषम्। प्रीत्यैव ददासि चेत् ग्रहीष्यामीत्यर्थः ॥ 3-198-4 हे दद्य ददो हानं तदर्ह ॥ 3-198-5 रोहिणीनां गवाम् ॥ * - एतदाद्यध्यायत्रयं षोढशगद्याधिकं झ. पुस्तकएव दृश्यते नेतरकोशेषु।


Mahabharat- Hindi (Devanagari) 100000 shlokas

www.sanatanadharm.com - play store app (sanatana dharm)

"Bharathiya Sanatana Dharm" and Sanatana Dharmam & Dharmo rakshati Rakshitha logo are our trademarks. Unauthorised use of "Sanatana Dharmam & Dharmo rakshoati Rakshitha" and the logo is not allowed. Copyright © sanatanadharm.com All Rights Reserved . Made in India.